लोकतंत्र उत्सव DEMOCRACY FESTIVAL

J A N T A    K A    U T S A V
A Celebration of 7.125 Billion People From Jaipur

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जनता का उत्सव. लोकतंत्र उत्सव में आपका स्वागत है. Welcome आईये “जयपुर को लोकतंत्र का स्वर्ग बनाये” सत्य, अहिंसा, धरना, प्रर्दशन, हड़ताल से एक कदम आगे का रास्ता है लोकतन्त्र उत्सव। हमने एक लंबा सफर तय कर लिया है मनुष्यता के विकास का। इसी विकास के सफर की अगली कड़ी है ये उत्सव।

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ये किसी ऑडिटोरियम में मनाया जाने वाला समारोह नहीं है दोस्तों, ये जनता का उत्सव है, हम सब का, हम जो भी हैं जहां भी हैं और बेहतर हों। ये उत्सव है लोकतन्त्र की पढ़ाई का, बेहतर प्रशासन और राजनीतिक व्यवस्था का, विकास का, खुशियों सेलिब्रेट करने का, दिलों को दिलों से जोड़ने का, जनता और सरकार के मैंनेजमेंट का। ये ही लोकतन्त्र है। ये ही है लोकतन्त्र उत्सव।

हम चाहे जीतने व्यस्त रहें चाहे जितना धन कमा ले, हमारे पास आस पास कितने भी दुख: दर्द क्यों ना हो, हमारे पास कितनी भी लग्जरी चीजें क्यूँ ना हो। सब बेकार हैं। यदि हमने इस गाड़ी और दिमाग का सही इस्तेमाल नहीं किया। हकीकत में हम आज ऐसा नहीं कर रहे हैं। शायद हम सब इस बारे में बहुत कम जानते हों। सार ये है हम और हमारी मनुष्यता गिरावट के सभी तरह के मूल्यों में, सबसे निंदनीय दौर से गुजर रही है।


अहम पहलू, क्या आपने सोचा है बिना लोकतन्त्र के हमारा शहर हमारा देश आज जहां है शायद वहाँ नहीं होता। पर ये भी दुखद है की बढ़ता करप्शन और गिरती राजनीति और प्रशासनिक साख हम सब के लिए सोचानिये और चिंतनिय है। जानते हैं आज हम सब पर सबसे ज्यादा असर राजनीति और प्रशासनिक मूल्यों का पड़ रहा है और ये सड़ गए हैं। इन्हें बेहतर और बेहतर बनाना ही होगा। हम सब के जीवन पर इनका असर हर पल है। हम एक पल भी कायराना नहीं होने देंगे।

अब मैं आपको मेरी सोच के नजदीक लाकर बैठाता हूँ। दोस्तों लोकतन्त्र उत्सव के तहत जयपुर को चुना गया है। मेरी सोच है की एक स्थल को यदि सबसे बेहतर बना दिया जाये तो, बाकी पर अनुकरण का सिद्दांत देर सवेर लागू हो ही जाता है। ये मनुष्यता की बड़ी आदत है। पूरी दुनियाँ का इतिहास इसका ग्वाह है।

इसके तहत जयपुर के हर राजनैतिक और राजनीतिक, प्रशासनिक, सामाजिक आर्थिक ताने बाने को सबसे उन्न्त और विकास की सबसे सुंदर तस्वीर और जयपुर को दुनियाँ की एक ऐसी जगह बनाने का प्रयास है की जयपुर विश्व की सबसे बेहतर जगह बने। हर क्षेत्र में।

चाहे अमीर और गरीब का मसला हो, यहाँ की सड़के हो, साफ सफाई हो, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएँ हो, सड़कों का मीटटी प्रदूषण और गड़डों से मुक्ति हो, करपशन फ्री जयपुर की बात हो, ग्रीन (हरे भरे) जयपुर का मसला हो, पानी, बिजली की समस्या हो, पार्क हो या इन सभी चीजों के मेंटीनेंस का गंभीर मामला हो, जो की सबसे खराब हालातों में है। कानून व्यवस्था हो, ट्रैफिक हो, सरकारी योजनाओं और उनका लाभ लेने और आम जन की पहुँच में लाने की बात हो, भविष्य के हिसाब से जयपुर का मास्टर प्लान हो, बाढ़ और आपदा प्रबंधन हो, बेहिसाब रिंग रोड और बिना प्लानिंग अमनाई शाह नाले का कामकाज हो, क्या अमानी शाह नाले में एक 10 लाईन की मास्टर रोड़ नहीं बनाई जा सकती है जो सांगाने से विध्याधर नगर तक को जोड़ा जा सकता है। पार्किंग का मसला हो, सार्वजनिक मुत्रालयों की कमी हो, सड़क चौराहों पर भिखारियों की भीड़ हो, बाल मजदूरी हो, सरकारी चीजों, सेवाओं और साधनों की चोरी हो, जगह जगह पालतू जानवर और थडी ठेलों की समस्या हो, कहीं भी लटके उड़ते दुर्घटनाओं को न्योता देते होर्डिंगस की समस्या हो, गंदे नालों की समस्या हो, सड़कों पर अनियंत्रित वाहन चलाने की मानसिक बीमारी हो और चाहे प्याऊ कोन्सेप्ट हो, धूम्रपान और गंदगी का मामला हो, दारू ठेका की कहानी हो, हाउसिंह हो, हमारा शासन और प्रशासन हो, चुनाव हो, मतदान हो, खेल और मनोरंजन के साधन हो, कच्ची बस्तियों का सवाल हो, सीवरेज सिस्टम और बरसात में कुछ कोलिनियों का पानी में डूब जाना हो, खुले में सोच का मामला हो, रेलवे क्रासिंगस पर लंबी लंबी वाहनों की लाईन की समस्या हो, बिना प्लानिंग के सड़क बनाकर फिर नाली के लिए फिर सिवरेज के लिए फिर किसी बिजली लाईन के लिये सड़क को उखाड़ना फिर बनाना फिर सिवरेज के ढ़क्कन नीचे चले जाते हैं गाडियाँ धड़ाम धु होने वाली समस्याएँ हो - वहाँ मिट्टी फैलाने की समस्या हो। कहीं भी कचरा फेंकने की मानसिक बीमारी हो, हमारी कल्चर और पर्यटन हो, राजनीति हो और रात में महिलाओं की आजादी और स्वछ्न्द विचरण का सवाल हो या फिर कुछ अफसर नेता मिल बैठ बांटकर जनता का हक खा जाने की कहानी हो इन सभी बिन्दुओं के साथ अन्य सभी विषयों को नये री थिंक नजरिये से देखने से लेकर, फिर से सोचने और बेहतर ढंग से करने तक की सभी बातों पर ध्यान देते हुये आगे बढ़ा जायेगा।

दुनियाँ का हर नागरिक जयपुर की चर्चा करे। जयपुर का मॉडल पूरे संसार के लिए अनुकरणीय हो। ये लोकतन्त्र उत्सव का मकसद है। ये ही काम लोकतन्त्र उत्सव की टीम हम सभी के साथ मिलकर बैठकर करना और कराना चाहेगी। आप भी इसमें अपना हाथ बंटा सकते है। बतौर स्वाभिमानी नागरिक और युवा के रूप में जुड़ सकते हैं। नए लोकतान्त्रिक जयपुर के मान में अपना नाम जोड़ सकते हैं। ये मॉडल एक विकसित इंसानियत का मॉडल है जिसके नियम कायदे, कामकाज के तरीके, प्रबंधन प्रणाली और स्पष्ट और सराहनिय होंगे।

इसके लिए हम सब जिम्मेदार जागरूक नियमबद्द नागरिक बनें, मिलकर एकल और सांझा प्रयास करें जहां भी हैं। हर उस ताकत और बुराई से लड़ें जो इस बीच में बाधा बन सकती है और बनेगी। कुछ लोग विरोध करेंगे। करें। कुछ चुप रहेंगे। रहें। कुछ साथ हो लेंगे। स्वागत। बस फिर क्या। हम तो हवा हैं, रोशनी हैं। नकारो या स्विकारो। हम हैं और रहेंगे।

इसके लिए हम सब जिम्मेदार जागरूक नियमबद्द नागरिक बनें, मिलकर एकल और सांझा प्रयास करें जहां भी हैं। हर उस ताकत और बुराई से लड़ें जो इस बीच में बाधा बन सकती है और बनेगी। कुछ लोग विरोध करेंगे। करें। कुछ चुप रहेंगे। रहें। कुछ साथ हो लेंगे। स्वागत। बस फिर क्या। हम तो हवा हैं, रोशनी हैं। नकारो या स्विकारो। हम हैं और रहेंगे।

एक बड़ा हथियार है। इस उत्सव को सफल बानाने के लिए। "एंटी डवलेपमेंट" मॉडल को अपनाना होगा। इसका सीधा सा अर्थ है। सब कुछ सरकार के पाले में नहीं डाल दिया जावे। सभी जिम्मेदारियाँ केवल सरकार की नहीं समझी जावे। नाव तो देखी होगी लहरों के विपरीत चलती है, ये ही है ये मॉडल। इसका विस्तार से उल्लेख अलग से किया जावेगा।

अब यहाँ कुछ सवाल और बातें है जिनका संबंध इस मिशन और आपसे है। उम्मीद है आप इसके अंग बनकर काम करने की हिम्मत जुटा सकेंगे। ये बिलकुल ही महत्वपूर्ण नहीं है और रहेगा की आज और अभी आप किस विचार या सरकार और पार्टी के साथ जुड़े हैं।

आपसे कुछ भी नहीं मांगा जा रहा है, बस आप कभी कभी कुछ पल ऊपर लिखी बातों पर सोच विचार के लिए निकाले। जब कभी समय मिले तो इसकी गतिविधियों का हिस्सा बनने की कौशीश करें। आप जहां भी हैं एक दीपक एक केंडल अकेले, दोस्तों के साथ या परिवार के साथ मिलकर जलायें। यकीन मानिये इस लौ की रोशनी और इस रोशनी का उजाला इतनी दूर तक जाएगा जिसकी कल्पना शायद अभी हमने नहीं की है। कभी सुना या पढ़ा होगा समंदर में भटक चुका जहाज दूर कहीं जलती आग की चिनगारी देखर अपना मार्ग ढूंढ लेता है। हम बस ये ही तो करने जा रहे हैं। जहाज अपना काम करेगा। जहाज का कप्तान अपना। महसूस करो अपनी जलाई एक केंडल या दीपक उस चिंगारी की तरह काम करेगी, उस चिंगारी की तरह। यकीन मानिये, करेगी। ऐसा होगा। इसका असर आपके जीवन पर सबसे ज्यादा पड़ेगा। शायद आपने सोचा ना हो।

आप केंडल या दीपक जलाने की एक फोटो या सेल्फी लेकर सोसियल मीडिया पर पर शेयर करें। लिखे #लोकतंत्र_ उत्सव #Democracy_Festival

यकीन मानिये बेहतरी और बदलाव का दौर शुरू हो जाएगा। उसी पल से। बड़े बदलाव छोटी सी चीज या छोटी सी बात और तिनके भर सहयोग से होते आयें हैं। तिनका। कितना सा होता है। आँख में गिरा तो। पानी में गिरा तो।

मौका मिले तो लोकतन्त्र को आगे बढ़ाने वाली कहानियाँ, कवितायें, गाने गुनगुनाओ औरों को सुनाओं। रिकार्ड करके सोसियल मीडिया फेसबुक आदि पर शेयर करो। यकीन मानिए आपके चारों तरफ एक सकारात्मक माहौल होगा।

बाकी जंग के लिए आपका दोस्त हनु रोज है ही। मुझ पर छोड़ दो। भरोसा करो। बेहतरी का भरोसा इतिहास में कभी कमजोर नहीं पड़ा। आप अपना दैनिक कामकाज रोज की तरह बेहतरी के साथ करते रहो। उम्मीदों की उम्मीद ... सपनों का सपना... सपने हकीकत के लिए ... मेरा प्रयास सबके लिए आपकी दुआएं मेरे लिए...

जल्दी ही एक व्यापक प्रोग्राम चायपान, जलपान, मिलते जाने की कहानियाँ शुरू की जावेगी। हर चाय की चुस्की लाखों करोड़ों लोगों के दिलों में बस जाएगी।

मैं आप सभी का स्वागत करता हूँ "लोकतन्त्र उत्सव" और “जयपुर को लोकतंत्र का स्वर्ग बनाये” विचार के बारे में आपने पढ़ा। यहाँ एक गूगल सर्वे है जिसमें कुछ सवाल हैं जिनके जवाब चुन कर मुझे इस विचार के बारे में सही दिशा में आगे बढ्ने की ऊर्जा से लबालब कर सकेंगे।

संविधान में समाहित, सरकारी दफ्तरों में, फ़ाईलों में रेंगते जंनतंत्र को जनता के बीच तो आना ही है। लेकर कौन आयेगा मेरे साथी। मैं या आप। नहीं। "हम"। “हम सब”।

क्या हम नहीं जानते की आज लोकतन्त्र मुट्टी भर लोगों की तानाशाही, लूट और चालाकी का अडड़ा बन गया है। इसलिए लोकतन्त्र उत्सव आम जन को जगाने और जाग जाने का लोकतांत्रिक युद्द है।

हम जयपुर को एक नया जन्म दें, उसकी पीड़ा चाहे कितनी भी कष्टदायी क्यों ना हो। पर मुझे यकीन है ये पीड़ा एक माँ के दवारा बच्चे को जन्म देने से तो ज्यादा नहीं हो सकती। फिर हम तो बहुत से मिलकर उस पीड़ा सह सकेंगे। वहाँ एक माँ सहती है। और हम केवल जयपुर को ही नया जन्म नहीं दे सकेंगे। आप उसके बाद देखना पूरी दुनियाँ में खुशी की लहर आपके शरीर के बालों को सिहरा उठेगी। अपने होंटो पर उस दिन अपनी उंगली फिरकार महसूस करना कितनी ताजगी आपको लगेगी।

ये मात्र एक लेख, शब्द या ड्राफ्ट नहीं है। ये भाषण नहीं है। ये आज है। कल है। हमारा आने वाला फ्यूचर है। जयपुर है। जयपुर से सारा जहां है।

अभी ये पहला चरण है जिसमें सभा-सम्मेलनों, विचार-विमर्शों, वाद-विवाद, गोष्टियों, जागरूकता लाने वाले कार्यक्रमों, मास्टर प्लान बनाने, नये प्लान सामने लाने, आय और खर्चे तथा समय प्रबंधन पर के लिए नये मॉडल्स को अपनाने जैसे विषयों के साथ काम करते/कराते हुये आगे बढ़ा जाएगा। आगे के चरणों पर इस चरण के परिणामों और प्रातक्रियाओं के बाद प्लान किया जावेगा।

धरती के एक टुकड़े को इतना बेहतर बना दें। धरती खुद पुकार उठे......। – हनु रोज

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Activities of Coming Months

अगस्त क्रान्ति

जयपुर के लिए सर्वे

विकास संरचना के लिए थींक टैंक प्लान

चर्चा और संवाद, चाय चर्चा और सेमिनारस

केंडल मार्च और शेयर सेल्फी

यूथ डायलॉग

लोकतन्त्र प्रदर्शनी और फिल्म शो

मेम्बरशीप और ऑनलाईन शिकायत पोर्टल

अश्वमेध यज्ञ

अध्ययाय 18 और 19 और नई राजनीति

Rules for Activities

न किसी का हक छीनों, ना हक छीनने दो। .

न किसी का हक छीनों, ना हक छीनने दो।

न किसी का हक छीनों, ना हक छीनने दो।

न किसी का हक छीनों, ना हक छीनने दो। .

न किसी का हक छीनों, ना हक छीनने दो।

न किसी का हक छीनों, ना हक छीनने दो।

न किसी का हक छीनों, ना हक छीनने दो। .

न किसी का हक छीनों, ना हक छीनने दो।

न किसी का हक छीनों, ना हक छीनने दो।

न किसी का हक छीनों, ना हक छीनने दो। .

Activity of The Year

अश्वमेध यज्ञ (Ashwamedh Yagya)

हमारी राजनीति जिससे आज हमारा नाता और गहरा हो गया है जिसकी शुददी के बिना, हमारी शासन व्यवस्था की और बेहतरी के बिना, जीवन में काम आने वाली कानून व्यवस्था की जानकारी के बिना आज हमारा जीवन अधूरा है या फिर स्वतंत्र होते हुये भी किसी पर के अधीन हैं।

उद्देश्य - लोकतन्त्र का विस्तार और लोकतन्त्र को आमजन तक की पहुँच में लेकर जाना। सवाल करना सिखाना, अपने हक, अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग करना। सरकार चुनने और विकास के बारे में जागरूक करना। संविधान और सरकारी योजनाओं को जरूरत मंद व्यक्ति तक पहुंचाना।



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