वोलिंटियर फॉर न्यू पोलिटिक्ल गेम चेंज वाया लोकतन्त्र नया लोकतन्त्र और बेहतर शासन-प्रशासन
WELCOME TO BE A PART - ONE OF THE BIGGEST POSITIVE CHANGE OF THIS CENTURY

एक रोल मॉडल नागरिक बनने का अवसर I एक रोल मॉडल शहर बनाने के लिए

दोस्तों किसी भी बड़े काम की और कम से कम ऐसा काम जो सम्पूर्ण मानव जाति के लिए उपयोगी हो की शुरुआत के लिए एक ऐसी निस्वार्थ टीम की जरूरत होती है जो दिन रात काम कर सके और एक ऐसी टीम की जो एक्सपर्ट हो पार्ट टाईम भी अपनी सेवायें दे सके।

इस मिशन के तहत आप में भावी अफसर या जननेता और जनसेवा का अक्स अपने में दिखाई देता है या आप चाहते है की अपना काम करते हुये समाज और देश में किसी भी सूरत में सकारात्मक बदलाव लाया ही जाना चाहिए। हमारी राजनीति, प्रशासन, विकास तथा प्लानिंग, मैनेजमेंट में हम एक बदलाव ला सकते हैं इसे और बेहतर बना सकते हैं। लोकतन्त्र को और बेहतर और मजबूत कर सकते हैं। मैं हनु रोज आपको आमंत्रित करता हूँ इस मिशन की सफलता के लिए साथ काम करने वास्ते।

लोकतन्त्र उत्सव के लिए काम करने से आप अपने को ऊर्जवान बना सकेंगे। ऐसे युवा जो अफसर बनना चाहते हैं तो ये एक सबसे बेहतर प्लेटफॉर्म है अपने आप को अफसर बनने से पहले माँजने का और अनुभवी बनाने का। और आप राजनीति में आना चाहते हैं तो इससे बढिया और जगह क्या हो सकती है जो आपको सीधे जनता और उसकी समयाओं से जोड़े हमारे सिस्टम को बेहतर बना सकने की नेटवर्किंग में आपको लेकर आये। किसी पार्टी में 20 साल तलवे चाटकर भी आप वो मुकाम नहीं हासिल कर पायेंगे जिसका आपने सपना देखा है यहाँ आप खुद अपनी एक स्वतंत्र छवी बना सकेंगे। यहाँ केवल एक ही बंदिश है कुछ भी बुरा/गलत न करना और न होने देना।

अफसर भी तो हम सेवा करने वास्ते ही तो बनते हैं राजनीति में आने का भी तो ये मकसद होता है। कमजोर और वंचित की सेवा करना और कोई किसी का हक नहीं छीनने पर अंकुश लगाना ही तो जीवन का मकसद है। जीवन को जीने काबिल बनाना ही तो हम सब का मकसद है।

और किसी भी उम्र वर्ग का व्यक्ति समाज सेवा और देश सेवा करना चाहते हैं, लोकतन्त्र उत्सव ये ही तो सब है।

तो आईये जुड़ जाईये और लग जाईये एक ऐसी कार्यसंरचना में की हम सब को भी पता ना लग पाये की “सोचा ना था” सब इतना अच्छा हो जाएगा। जयपुर पूरी दुनियाँ के लिए एक “मॉडल” लोकतान्त्रिक शहर बन जाएगा। और हम सबसे बेस्ट लोकतांत्रिक नागरिक।

हमें पता होना चाहिए 9 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत हुई थी। इसे अगस्त क्रांति के रूप में भी जाना जाता है। करो या मरो का नारा यहीं से निकाला था। ये असली जन आंदोलन था। ये जनता का आंदोलन था। अंग्रेज़ घबरा गए थे। ये ही घबराहट आजादी के 70 साल बाद फिर से सत्ता और प्रशासन में काबिज हुये बदमाश लोगों और भ्रष्ट लोगों में होनी चाहिए। होनी ही चाहिए।

हम सुनते आये हैं की सरकारी योजनाओं का खर्चा आमजन तक पहले 100 में से 15% तक ही पहुंचता था अभी ये थोड़ा बढ़ा है इसे हम 100% करेंगे। ये ही नहीं खर्च करने के तरीकों से लेकर उसके समय प्रबंधन में भी बदलाव लेकर आयेंगे। लेकर ही आएंगे।

ये उत्सव है लोकतन्त्र की पढ़ाई का, विकास का, खुशियों सेलिब्रेट करने का, दिलों को दिलों से जोड़ने का, जनता और सरकार के मैंनेजमेंट का। ये ही लोकतन्त्र है। ये ही है लोकतन्त्र उत्सव।

तो आईये एक सजग वोलिंटियर या सदस्य के रूप में जुड़कर इस कारवां की शुरूआत का हिस्सा बनें।

आप अपना नाम, मोबाईल नंबर, उम्र, स्थायी और अस्थायी पता, ईमेल आई डी, और आप लोकतन्त्र उत्सव के साथ जुड़ना चाहते है इस पर आपके विचार। और भेज दें इस ईमेल आई डी पर -loktantrautsav@gmail.com OR hello@loktantrautsav.org या

मुझे कॉल करें: Mob: 07014789252, Tel: 0141 4055263

आपका
हनु रोज